बस लोग हमारी ख़ामोशी को सुन नहीं पाते।
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगो को दिक्कत है,
पर मैंने तुम्हें उन लोगों में कभी गिना ही नहीं था…!!
लेकिन मुझे सजा वहां मिली जहां, मैं वफादार था…!!!
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
अदा कातिल, निगाह कातिल, जुबां कातिल बयां कातिल,
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
सन्नाटों में हमारी बातें गुमनाम हो गए।
ज़िंदगी के दरख़्त पर कुल्हाड़ी के वार हैं…!
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
उसे जाना था, हमने भी दिल पर पत्थर रखकर जाने दिया,
इस दुनिया की हलचल से कहीं Sad Shayari in Hindi दूर चला जाऊँ…